गोलू पाण्डेय की चकरघिन्नी


नहाने के बाद गोलू गोलू पाण्डेय 1 मेरा पामेरियन पॉमरेनियन-अल्शेशियन क्रॉसब्रीड का कुत्ता था। साल भर हो गया उसके देहांत को। सात साल जिया। सात साल में जितनी खुशियां हमें दे कर गया; मरने के समय उतना ही उदास भी कर गया। गोलू पाण्डेय जब ऊर्जा से भरा होता था तो अपनी पूंछ पकड़ने केContinue reading “गोलू पाण्डेय की चकरघिन्नी”

सुखी जीवन के सूत्र की सिनर्जी


 परसों मेरी पोस्ट के पुछल्ले से   एक जबरदस्त सिनर्जेटिक (Synergetic – combined synchronous and energetic) काम हुआ। मैने एक   पॉवर प्वाइण्ट शो पोस्ट पर   प्रस्तुत किया और उसे रवि रतलामी जी ने   वीडियो कन्वर्टर   के माध्यम से   वीडियो बना कर   आनन-फानन में पोस्ट की शक्ल दे दी। मैंContinue reading “सुखी जीवन के सूत्र की सिनर्जी”

गधा और ऊँट – च्वाइस इज़ योर्स


गर्दभ अहो रूपम – अहो ध्वनि! (यह मेरी 25 फरवरी 2007 की एक शुरुआती पोस्ट का लिंक है।) आप रूप का बखान करें या ध्वनि का। विकल्प आपके पास है। इतना समय हो गया, पाठक जस के तस हैं हिन्दी ब्लॉगरी के। वही जो एक दूसरे को रूपम! ध्वनि!! करते रहते हैं। महाजाल वाले सुरेशContinue reading “गधा और ऊँट – च्वाइस इज़ योर्स”

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