रेल-दुर्घटना का परा-विज्ञान*


परसों सवा तीन बजे 2560,शिवगंगा एक्सप्रेस के पीछे के ब्रेकवान में आग लग गयी। गाड़ी कानपुर से चली थी। चलते ही चन्दारी और चकेरी स्टेशनों के बीच उसे बीच में रोक कर आगे की पूरी गाड़ी प्रचण्ड आग से ग्रस्त अंतिम कोच (ब्रेकवान) से अलग की गयी। आग की लपटें इतनी तेज हो गयी थींContinue reading “रेल-दुर्घटना का परा-विज्ञान*”

आगरा में आब है!


आगरा को मैने बाईस वर्ष पहले पैदल चल कर नापा था। तब मैं ईदगाह या आगरा फोर्ट स्टेशन के रेस्ट हाउस में रुका करता था। वहां से सवेरे ताजमहल तक की दूरी पैदल सवेरे की सैर के रूप में तय किया करता था। आगरा फोर्ट के मीटर गेज की ओर फैले संकरे मार्किट में काफीContinue reading “आगरा में आब है!”

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