पर्यटन क्या है?


मैं पर्यटन पर नैनीताल नहीं आया। अगर आया होता तो यहां की भीड़ और शानेपंजाब/शेरेपंजाब होटल की रोशनी, झील में तैरती बतख नुमा नावें, कचरा और कुछ न कुछ खरीदने/खाने की संस्कृति को देख पर्यटन का मायने खो बैठता। पैसे खर्च कर सूटकेस भर कर घर लौटना क्या पर्यटन है? या अब जब फोटो खीचना/वीडियोContinue reading “पर्यटन क्या है?”

भाग ६ – कैलीफिर्निया में श्री विश्वनाथ


यह श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ की अमरीकी/कैलीफोर्निया प्रवास पर छठी अतिथि पोस्ट है। इस बार बातें कम करेंगे और केवल चित्रों के माध्यम से आप से संप्रेषण करेंगे। शॉपिंग: ========= एक जमाना था, जब हम विदेश से चीजें खरीदकर लाने में गर्व महसूस करते थे। अब भूल जाइए इस बात को। कुछ चीज़ों को छोडकर, हमContinue reading “भाग ६ – कैलीफिर्निया में श्री विश्वनाथ”

अपने आप से झूठ


पता नहीं यह यहां स्वीकार या अस्वीकार करने से फर्क पड़ता है मैं झूठ भी बोलता हूं। झूठ बोलना मानव स्वभाव का बहुत स्वाभाविक अंग है। यह इससे भी सही लगता है कि सदाचार की पुस्तकों और पत्रिकाओं में बहुत कुछ बल इस बात पर होता है कि सच बोला जाये। पर मूल बात यहContinue reading “अपने आप से झूठ”

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free