दफ्तर बनाम वेटिंग रूम!


मेरा दफ्तर का कक्ष मेरे कमरे में चपरासी कार्ड पंहुचाता है – इम्प्रेसिव से लगने वाले कार्ड पर किसी फर्म के वरिष्ठ अधिकारी का लिखा नाम। फर्म का नाम पहचाना नहीं है। मेरे पास कोई अर्जेण्ट काम भी नहीं है। लिहाजा कमरे में बुलवाने में कोई हर्जा नहीं। सज्जन के कमरे में घुसने से पहलेContinue reading “दफ्तर बनाम वेटिंग रूम!”

माननीय एपीजे अब्दुल कलाम और गोपालकृष्ण विश्वनाथ


इतना बढ़िया वाकया गोपालकृष्ण विश्वनाथ जी ने एक टिप्पणी में ठेल दिया जो अपने आप में पूरी सशक्त पोस्ट बनता। मैं उसे एक टिप्पणी में सीमित न रहने दूंगा। भले ही वह पुनरावृत्ति लगे। आप श्री विश्वनाथ के बारे में जानते ही हैं। वे मेरे बिस्ट्स पिलानी के चार साल सीनियर हैं। उन्होने बताया हैContinue reading “माननीय एपीजे अब्दुल कलाम और गोपालकृष्ण विश्वनाथ”

मिलिये स्वघोषित भावी प्रधानमन्त्री से!


मेरे पास पर्सनल डाक बहुत कम आती है। पर एक मस्त ड़ाक आयी। और भला हो दफ्तर के दफ्तरी का कि उसे स्पैम मानकर छांट नहीं दिया। एक पोस्ट कार्ड मिला मुझे अपने डाक-पैड में। इसको भेजने वाले हैं कोई ओमप्रकाश मिश्र। जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष। भावी प्रधान मन्त्री। जन्मस्थान चाका नैनी, इलाहाबाद। कलContinue reading “मिलिये स्वघोषित भावी प्रधानमन्त्री से!”

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