ईंटवा का गंगा तट


लगता है ये मछलियां गंगा के जल में बह कर आगे नहीं निकल जातींं। यहीं रहती हैं। गंगा किनारे की मछलियां। मैं सोचता था कि जो जल में है सब बहता है। सब यात्रा पर है। पर वैसा नहीं है। कुछ जलचर भी एक ही जगह रहते हैं।

मोबाइल से ब्लैक एण्ड ह्वाइट फोटो


बहुत से रंग, बहुत से बटन, बहुत से एडिटिंग के टूल – कुल मिला कर वैसा बन जाता है जैसा शादियों में ओवर मेक-अप किये औरतों का होता है। वे सुंदर औरतें मेक-अप की चुड़ैलों में रूपांतरित हुई दीखती हैं।

गंगा में वाटर स्पाउट


गुन्नीलाल जी के कथन से यह स्पष्ट हो जाता है कि भले ही वाटर स्पाउट बिरला ही होने वाला फिनॉमिना, हो; यह हमारे आसपास, गंगाजी में भी दिखाई दे सकता है!

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