विकास हलवाई झूलेवाला


कल था शिवकुटी का मेला। हर साल श्रावण मास के शुक्लपक्ष की अष्टमी को होता है यह। एक दिन पहले से झूले वाले आ जाते हैं। नगरपालिका के लोग सड़क सफ़ाई, उनके किनारे चूना बिखेरना, सड़क पर रोशनी-पानी की व्यवस्था करना आदि करते हैं। पुलीस वाले अपना एक अस्थाई नियन्त्रण कक्ष बनाते हैं। दो सालContinue reading “विकास हलवाई झूलेवाला”

लंगड़ जवाहिरलाल


कई दिन से घूमने नहीं जा पाया था। आज सयास पत्नीजी के साथ गंगा किनारे गया। आज श्रावण शुक्लपक्ष अष्टमी है। शिवकुटी के कोटेश्वर महादेव मन्दिर पर मेला लगता है। उसकी तैयारी देखने का भी मन था। शिवकुटी घाट की सीढियों पर जवाहिरलाल अपने नियत स्थान पर था। साथ में बांस की एक खपच्ची लियेContinue reading “लंगड़ जवाहिरलाल”

ज्ञान धर दुबे


मेरे समधी हैं श्री ज्ञान धर दुबे। मिर्जापुर के पास धनावल गांव है उनका। एक बरसाती नदी पर जलप्रपात बनता है – बिण्ढ़म फॉल। उससे लगभग तीन किलोमीटर पश्चिम-उत्तर में है उनका गांव। उनकी बिटिया बबिता से मेरे लड़के का विवाह हुआ है पिछले महीने की चौबीस तारीख को। विवाह के बाद कल वे पहलीContinue reading “ज्ञान धर दुबे”

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