पण्डा जी


पण्डाजी हैं स्वराज कुमार पाण्डेय। उनके स्वसुर जी की गद्दी थी शिवकुटी के पण्डा की। स्वसुर जी के लड़का नहीं था, अत: स्वराज कुमार जी को गद्दी मिली दहेज में! पहले पण्डाजी लाइटिंग-साउण्ड आदि का काम कराते थे। शादी व्याह, फंक्शन आदि में ठेकेदारी। उनको मशीनें ठीक करना आता है। मेरा भृत्य ऋषि कुमार बताताContinue reading “पण्डा जी”

अगहन का अंतिम दिन


आज अग्रहायण (अगहन) मास का अंतिम दिन है। पूर्णिमा। आज पूर्ण चन्द्रग्रहण भी है जो इलाहाबाद में पूरा नहीं दिखेगा। शायद मालवा – इन्दौर, उज्जैन में दिखे। कल से पौष मास प्रारम्भ होगा। पूस काना टूस। पूस में शादियाँ नहीं होती थीं। अब तो पण्डिज्जी लोग जब मन आये, शादियां करा दे रहे हैं। अत:Continue reading “अगहन का अंतिम दिन”

आठ बिगहा पर आगे चर्चा


यह एक रेवलेशन था कि जवाहिरलाल के पास आठ बिगहा खेत है; बहादुरपुर, मछलीशहर में। किन परिस्थितियों में वह गांव से निकला और यहां दिहाड़ी पर लेबर का काम करता है; वह समझने के लिये उससे और भी अन्तरंगता चाहिये। जो मेरे साथ अभी नहीं है। पर जवाहिर के आठ बिगहा जमीन के बारे मेंContinue reading “आठ बिगहा पर आगे चर्चा”

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