नदी के और मन के लैगून


लैगून (lagoon)  को क्या कहते हैं हिन्दी में? कामिल-बुल्के में शब्द है समुद्रताल। समुद्र के समीप वह  उथला जल जो सब ओर से धरती से घिरा हो – वह लैगून है। इसी तरह नदी/गंगा का पानी पीछे हटते समय जो उथले जल के द्वीप बना देता है उसे लैगून कहा जायेगा या नहीं? मैं बहुधाContinue reading “नदी के और मन के लैगून”

अलाव, जवाहिर और आठ बिगहा खेत


मैं कुहासे और काम के बोझ में सवेरे की सैर पर जाने वाला नहीं था, पर लगता है गंगामाई ने आमन्त्रण देते कहा कि तनी आवा, बहुत दिन्ना भये चक्कर नाहीं लगावत हय (जरा आओ, बहुत दिन से चक्कर नहीं लगा रहे हो)। और गया तो कुछ न कुछ बदलाव तो पाया ही। गंगाजी लगभग पचीसContinue reading “अलाव, जवाहिर और आठ बिगहा खेत”

कुहासे में भटकन


आज सवेरे घना कोहरा था। सवेरे घर से निकलना नहीं हो पाया। सवेरे साढ़े छ-पौने सात बजे से मुझे उत्तर मध्य रेलवे की मालगाड़ी परिचालन की स्थिति लेनी प्रारम्भ करनी होती है और यह क्रम सवेरे साढ़े नौ बजे तक चलता है। आज यह बताया गया कि पूरा जोन – गाजियाबाद से मुगलसराय और तुगलकाबादContinue reading “कुहासे में भटकन”

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