द्वारिका और परवल का जवा


पचेवरा के घाट पर प्रतीक्षा करने वालोँ के लिये चबूतरा है। दाह संस्कार करने आये लोग और मोटर बोट पकड़ कर उस पार मिर्जापुर जाने वाले यहाँ इंतजार करते हैँ। मैँ सवेरे वहां तक चक्कर लगाता हूं। कुछ देर सुस्ताने के लिये उस चबूतरे पर बैठता हूं। वहां से गंगा की धारा भी दिखती हैContinue reading “द्वारिका और परवल का जवा”

झिनकू


झिनकू झिनकू औराई के आगे फुटपाथ पर रहता है। कुल 5-7 परिवार हैं बांस की दऊरी, बेना आदि बनाने वालों के। आजमगढ़ के रहने वाले हैं ये। अपने गांव पांच साल में एक बार जाते हैं – तब जब प्रधानी का चुनाव होता है। जिसे वोट लेना होता है, वही ले कर जाता है। वहीContinue reading “झिनकू”

डा. दुर्गातोष पाण्डेय की रचनाधर्मिता पर विचार


डा. दुर्गातोष पाण्डेय ऑन्कॉलॉजिस्ट हैं। केंसर विशेषज्ञ। भारत के अन्यतम केंसर विशेषज्ञों में अग्रणी। उम्र लगभग 44 साल। गूगल सर्च करने पर उनके विषय में शब्द उभरते हैं – बेस्ट ऑन्कॉलॉजिस्ट ऑफ़ इण्डिया। गूगल पर उनके विषय में 19 रिव्यू हैं और सब पॉजिटिव! रेटिंग 4.9/5 है। लगभग यही रेटिंग उनके फ़ेसबुक पेज पर है।Continue reading “डा. दुर्गातोष पाण्डेय की रचनाधर्मिता पर विचार”

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