झल्लर और सोलर लालटेन


झल्लर को एक सोलर लालटेन देने का मन बनाया था मैने। उसके लिये अपने ड्राइवर से पूछा कि यहां मार्केट में कहीं मिलती होगी। उसने अनभिज्ञता जताई। मैने भी गांव वालों के पास एलईडी की बैटरी वाली टार्चें तो देखी थीं, या फिर रीचार्जएबुल बैटरी वाली जुगाड़ टार्चें। किसी के पास सोलर चार्ज होने वालीContinue reading “झल्लर और सोलर लालटेन”

झल्लर का एकांतवास


डेढ़ी के उत्तरी छोर पर एक अमराई/महुआरी है। कुछ और भी वृक्ष हैं। वहां एक झोंपड़ी है। कुछ लोग यदा कदा वहां दिखते हैं। झोंपड़ी की बगल से एक कच्ची सड़क डेढ़ी से निकल कर करहर गांव की ओर जाती है। मानो डेढ़ी की बांयी भुजा हो। महुआ के पत्ते झर चुके हैं। बहुत सेContinue reading “झल्लर का एकांतवास”

भट्ठा मजदूर महिला


नीले रंग की साड़ी पहने जोगिया रंग के कपड़े से बंधी परात में कुछ सिर पर लिये वह कल भी वह जा रही थी और आज भी। आज उसके साथ एक और महिला भी थी। सवेरे साइकिल चला रहा था मैं डेढ़ी पर। अपनी साइकिल रोक कर पूछा – कहां जाती हैं आप? गंगा स्नानContinue reading “भट्ठा मजदूर महिला”

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