चकरी से दाल दलने का उपक्रम


खेती की रहर (अरहर) थोड़ी सी मिली। एक बोरी। उसको दलवाने के लिये पत्नीजी ने दो महिलाओं को बुलाया। एक दिन उन्होने एक राउण्ड चकरी चला कर उसके टुकड़े किये। दूसरी मंजिल पर उन्होने डेरा जमाया था। चकरी चलने की आवाज गड़गड़ाती हुई दिन भर आती रही मानो आसमान में मेघ गड़गड़ा रहे हों। दालContinue reading “चकरी से दाल दलने का उपक्रम”

खलिहान के उल्लू की रक्षा की वन विभाग वालों ने


मेरे अधियरा सुग्गी का लड़का एक वयस्क उल्लू ले कर आया। घायल हो गया है यह। ऊपरी चोट नहीं दिखती। कोई घाव या खून नहीं है। एक पंख पूरी तरह नहीं खुल रहा है। थोड़ा बहुत उड़ सकता है। पर ऊंची उड़ान नहीं भर सकता। राजा ने बताया कि किसी के पतंग के मंझे मेंContinue reading “खलिहान के उल्लू की रक्षा की वन विभाग वालों ने”

शादी अटेंड करने का मौका


कल 29 अप्रेल 2025। दूज का चांद आसमान में दिख रहा था, पर शादियां अक्षय तृतीया के हिसाब से “चरचरायमान” थीं। #गांवदेहात में खेत खाली थे तो जहां तहां शामियाने सजे थे। कोई मंदिर के मोटिफ वाले तो कोई ताजमहल का फसाड लिये। इन सजावटी शामियानों के आर्कीटेक्चर पर भी एक शोध सम्भव है। उनकेContinue reading “शादी अटेंड करने का मौका”

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