“यह टीका वीका सब ढकोसला है”


“लोग टीका लगवा कर सोच रहे हैं कि अमृतपान कर लिया। अब कुछ हो नहीं सकता उनको। पर किसी को नहीं मालुम कि टीका कितना प्रभावी है। कितनी एफीकेसी है। कितने समय तक उसका फायदा होगा।”

सढ़सठ साल के राजन भाई कोरोना-काल में अतिरिक्त सतर्क हैं


उन्हें अहसास है अपनी बढ़ती उम्र, इम्यूनिटी का घटता स्तर, और इम्युनिटी बढ़ाने की जरूरत का। जितना गम्भीर वे हैं, उस स्तर पर सभी 65 पार लोगों को होना चाहिये।

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