प्रेमसागर – तामलुक से चण्डीपुर


“भईया, दोपहर तीन बजे बड़ी तेज बरसात हुई। हाईवे के ओवरब्रिज के पास तो बुरी तरह भीग गया। एक होटल दिखा। मुझे लगा कि मुझे बुखार हो गया है भीगने से।…”
प्रेमसागर की यात्रा कठिन होती जा रही है।

कलकत्ता में प्रेमसागर


रमाशंकर जी ने ओप्पो का नया मोबाइल उपहार में दे दिया खरीद कर। मगन हैं प्रेमसागर। गुंताड़ा लगाने में व्यस्त हो गये। “नया मोबाइल ज्यादा बड़े साइज की फोटो खींचता है भईया। पुराने मोबाइल से फलां फलां काम लूंगा और नये वाले से फलां फलां।”

रमाशंकर जी के घर, दक्षिणेश्वर काली मंदिर के समीप


रमाशंकर जी ने अपने घर में अलग से एक कमरा प्रेमसागर को दे दिया है। सभी सुविधा है। कल प्रेमसागर भीड़ द्वारा भगाये जा रहे थे, आज रमाशंकर जी ने सम्पूर्ण स्नेह उंडेल कर उनका स्वागत किया है!

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