द्वारिका और परवल का जवा


पचेवरा के घाट पर प्रतीक्षा करने वालोँ के लिये चबूतरा है। दाह संस्कार करने आये लोग और मोटर बोट पकड़ कर उस पार मिर्जापुर जाने वाले यहाँ इंतजार करते हैँ। मैँ सवेरे वहां तक चक्कर लगाता हूं। कुछ देर सुस्ताने के लिये उस चबूतरे पर बैठता हूं। वहां से गंगा की धारा भी दिखती हैContinue reading “द्वारिका और परवल का जवा”

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