झल्लर का एकांतवास


डेढ़ी के उत्तरी छोर पर एक अमराई/महुआरी है। कुछ और भी वृक्ष हैं। वहां एक झोंपड़ी है। कुछ लोग यदा कदा वहां दिखते हैं। झोंपड़ी की बगल से एक कच्ची सड़क डेढ़ी से निकल कर करहर गांव की ओर जाती है। मानो डेढ़ी की बांयी भुजा हो। महुआ के पत्ते झर चुके हैं। बहुत सेContinue reading “झल्लर का एकांतवास”