चक्रधर दुबे


चक्रधर जी ने बताया कि वे सवेरे चार बजे बिस्तर छोड़ देते हैं। नित्यकर्म के बाद एक घंटा साइकिल चलाते हैं। दो ढ़ाई किलोमीटर धीरे, काहे कि वह शहर और गलियों में होता है। उसके बाद मेन रोड पर स्पीड बढ़ जाती है। साइकिल चलाने के बाद वे पैदल चलते हैं।

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free