शांतिधाम में तेल की फिक्र


गांवदेहात डायरी बरियापुर में गंगा किनारे रहना और एक साधारण साइकिल से घूमना-टहलना। उसके अलावा डेस्कटॉप पर एक-दो घंटा की-बोर्ड पीटना — यही काम है मेरा।पर फिर भी मन होरमुज़, ईरान, अरब और इजराइल के चक्कर मारता रहता है आजकल। जेब में पैसे नहीं थे, पर स्मार्टफोन था। मैंने पेट्रोल पम्प की ओर रुख किया।Continue reading “शांतिधाम में तेल की फिक्र”

शांतिधाम में होरमुज़ – गर्मी उतरनी चाहिये


गांवदेहात डायरी   बरियापुर के गंगा किनारे पर नदी घूमती हैं। घाट पर खड़े हो कर देखता हूं तो बांये और दांये सिर घुमाने पर वह घुमाव साफ नजर आता है। खाड़ी में युद्ध चल रहा है तो मन में नदी नहीं, होरमुज़ की खाड़ी में ओमान का वह टिप नजर आता है।नक्शे में जगहContinue reading “शांतिधाम में होरमुज़ – गर्मी उतरनी चाहिये”

बरियापुर में एनसीईआरटी पर चर्चा


गांवदेहात डायरी बरियापुर का शांतिधाम नये युग में पुराने का घालमेल है। गंगा किनारे से एक किलोमीटर दूर है। गंगा वहाँ यू-टर्न लेती हैं, इसलिए शांतिधाम से नदी एक किलोमीटर दक्षिण में है और लगभग उतनी ही दूर पूरब और पश्चिम में भी। अभी यहाँ सात लोग आकर रहने लगे हैं—जीवन के तीसरे चरण में।Continue reading “बरियापुर में एनसीईआरटी पर चर्चा”

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free