तय हुआ था कि मैं न्यूरोसर्जन से छ बजे मिलूंगा और उन्हे ले कर अपने घर जाऊंगा अपनी अम्मा जी को दिखवाने। सवा छ बज रहे थे। मैं 15 मिनट से बाहर बैठा प्रतीक्षा कर रहा था कि डा. प्रकाश खेतान अपना कार्य खत्म कर उपलब्ध होंगे मेरे साथ चलने को। पर वहां बहुत सेContinue reading “एक शाम, न्यूरोलॉजिस्ट के साथ”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
विश्वनाथ दम्पति कैलीफोर्निया में अपने नाती के साथ
गोपालकृष्ण विश्वनाथ मेरे बिट्स, पिलानी के सीनियर हैं और मेरे ब्लॉग के अतिथि ब्लॉगर। पिछली बार मैने पोस्ट लिखी थी अक्तूबर 2012 में कि वे नाना बने हैं। अभी कुछ दिन पहले उनका ई-मेल आया कि वे इस समय कैलीफोर्निया में हैं। उनकी बेटी-दामाद दिन भर अपने काम से बाहर रहते हैं और उनकी पत्नीContinue reading “विश्वनाथ दम्पति कैलीफोर्निया में अपने नाती के साथ”
“बाबूजी, हम छोटे आदमी हैं, तो क्या?”
फाफामऊ से चन्द्रशेखर आजाद सेतु को जाती सड़क के किनारे चार पांच झोंपड़ी नुमा दुकाने हैं। बांस, बल्ली, खपच्ची, टाट, तिरपाल, टीन के बेतरतीब पतरे, पुरानी साड़ी और सुतली से बनी झोंपड़ियां। उनके अन्दर लड़के बच्चे, पिलवा, टीवी, आलमारी, तख्त, माचा, बरतन, रसोई, अंगीठी और दुकान का सामान – सब होता है। लोग उनमें रहतेContinue reading ““बाबूजी, हम छोटे आदमी हैं, तो क्या?””
