मेरे जीवन की त्रासदी यह नहीं है कि मैं बेइमान या कुटिल हूं। मेरी त्रासदी यह भी नहीं है कि मैं जानबूझ कर आसुरी सम्पद अपने में विकसित करना चाहता हूं। मेरी त्रासदी यह है कि मैं सही आचार-विचार-व्यवहार जानता हूं, पर फिर भी वह सब नहीं करता जो करना चाहिये। मुझे मालुम है किContinue reading “जीवन की त्रासदी क्या है?”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
ईर्ष्या करो, विनाश पाओ!
महाभारत के तीन कारण बताये जाते हैं। शान्तनु का काम, दुर्योधन की ईर्ष्या और द्रौपदी का क्रोध। शान्तनु का काम भीष्म-प्रतिज्ञा का कारण बना। दुर्योधन की ईर्ष्या पाण्डवों को 5 गाँव भी न दे सकी। द्रौपदी का क्रोध विनाश पत्र के ऊपर अन्तिम हस्ताक्षर था। यह प्रवीण पाण्डेय की बुधवासरीय अतिथि पोस्ट है। "गुरुचरण दासContinue reading “ईर्ष्या करो, विनाश पाओ!”
बबूल और बांस
मेरा मुंह तिक्त है। अन्दर कुछ बुखार है। बैठे बैठे झपकी भी आ जा रही है। और मुझे कभी कभी नजर आता है बबूल। कोई भौतिक आधार नहीं है बबूल याद आने का। बबूल और नागफनी मैने उदयपुर प्रवास के समय देखे थे। उसके बाद नहीं। कौटिल्य की सोचूं तो याद आता है बबूल काContinue reading “बबूल और बांस”
