मेरी पत्नीजी ने कबाड़ से मेरी एक स्क्रैप बुक ढूंढ़ निकाली है। उसमें सन १९९७ की कुछ पंक्तियां भी हैं। यूं देखें तो ब्लॉग भी स्क्रैप बुक ही है। लिहाजा स्क्रैप बुक की चीज स्क्रैप बुक में – आज सवेरा न जागे तो मत कहना घुप्प कोहरा न भागे तो मत कहना दीवारों के कानोंContinue reading “आज सवेरा न जागे तो मत कहना”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
यह सबसे बड़ी टिप्पणी है!
ज्ञानजी, यह मैं क्या पढ़ रहा हूँ? जब कोई विषय नहीं सूझता था तो आप मक्खियों पर, आलू पर और टिड्डे पर लिखते थे। चलो आज और कोई अच्छा विषय न मिलने पर मुझ पर एक और लेख लिख दिया। विनम्रता से अपना स्थान इन नाचीजों के बीच ले लेता हूँ ! यह लेख श्रीContinue reading “यह सबसे बड़ी टिप्पणी है!”
जी.एफ.टी. समझने का यत्न!
शिवकुमार मिश्र ने ग्रेटर फूल्स थियरी की बात की। मुझे इसके बारे में मालुम नहीं था। लिहाजा, एक फूल की तरह, अपनी अज्ञानता बिन छिपाये, शिव से ही पूछा लिया। ग्रेटर फूल थियरी, माने अपने से बेहतर मूर्ख जो आपके संदिग्ध निवेश को खरीद लेगा, के मिलने पर विश्वास होना। मेरी समझ में अगर एकContinue reading “जी.एफ.टी. समझने का यत्न!”
