शायद यहां सर्दियों में आना चाहिये और बर्फ गिरने का आनंद लेना चाहिये। गर्मियों के लिये तो इससे कम ऊंचाई के स्थान भी इससे ज्यादा ठण्डे हैं। फिर भी यहां मौसम अच्छा है और दो दिन यहां आसपास देखने-घूमने के हिसाब से गुजारे जा सकते हैं।
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
घूमने निकल पड़े हैं वे दोनो
शायद यह सुवर्णरेखा नदी के उद्गम का कोई प्रपात होगा। मैने प्रेमसागर की ओडीशा यात्रा के दौरान सुवर्णरेखा के समुद्र के समीप विशाल जलराशि देखी है। यहां उद्गम की पतली धारा देख रहा हूं। घर बैठे यह अनुभव लेना रोमांचक है।
आखिर सुंदरलाल आ ही गये!
“हां, भीड़ त रही। लहाई क बैठि ग रहे।” सुंदर साठ से ज्यादा उम्र का है। लम्बी दूरी की ट्रेन में, बिना आरक्षण की बोगी जिसमें लोग ठुंसे रहते हैं, उसमें भीड़ उसके लिये कोई बहुत असुविधा की बात नहीं है।
