भरतलाल शर्मा मेरा सरकारी भृत्य है. उसकी अस्थाई नौकरी लगते ही गांव-देस में उसकी इज्जत बढ गई. पांच हजार की पगार की स्लिप उसने गर्व से सबको दिखाई. सब परिजन-दुर्जन कर्जा मांगने में जुट गये. उसके भाई जो उससे बेगार कराते थे और उसकी सारी मजदूरी हड़प जाते थे, अब उससे हक से/बेहक से पैसाContinue reading “भरतलाल की सगाई”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
शेयर मार्केट धड़ाम
शेयर बाजार धड़ाम होता है, चढने के लिये. असली चीज आशावाद है.
‘अहो रूपम – अहो ध्वनि’, चमगादड और हिन्दी के चिट्ठे
इंटरनेट की जाली पर कई अलग अलग समूहों मे अनेक प्रजातियों के चमगादड़ लटक रहे हैं. ये चमगादड़ तेजी से फल फूल रहे हैं. इनमें से एक प्रजाति हिंन्दी के चिट्ठाकारों की है. उनकी कालोनी का दर्शन मै पिछले दो दिनों से कर रहा हूं. ये चमगादड़ बुद्धिमान टाइप के हैं. आपस में ‘अहो रूपमContinue reading “‘अहो रूपम – अहो ध्वनि’, चमगादड और हिन्दी के चिट्ठे”
