दौलतपुर के जंगल का भ्रमण


मसलन वन अधिकारी भी जंगल के वृक्षों में 5-10 को पहचानते हैं। यह तो वैसा ही हुआ कि घरनी को घर की चिंता ही नहीं है। महिला अपने एक दो बच्चों को नाम ले कर बुलाये और बाकी को सतकटा कह कर निपटा दे तो उस परिवार का भगवान ही मालिक।

बाड़ी से बिनेका


रास्ता मैं यह बालक
हमको आते देखा तो दौड़ कर
हमको रोका और पानी पिलाया। और 8 अमरूद लाया
और बोला कि बाबा रास्ता में कोई गांव नहीं मिलेगा आप खा लीजिएगा।
महादेव जी उस बालक को लंबी उमर,
विद्या और बुद्धि दे। यही आशीर्वाद बच्चा को दिए हैं हम।

बरेली से बाड़ी, हिंगलाज माता और रामदरबार


आज की यात्रा के शिव-तत्व-दर्शन में दूसरी घटना प्रेम सागर त्रिपाठी जी से मिलना बताते हैं। त्रिपाठी जी ने उन्हें दो चुनरी, श्रीफल, सेब और केले और दुर्गा सप्तशती की एक पुस्तक उपहार में दी और ढेर सारा आशीर्वाद दिया यात्रा के लिये।

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