एकादशाह – देह त्याग से 11 वाँ दिन


पिताजी के एकादशाह के दिन के 9 ट्वीट हैं जो उस दिन का मोटा मोटा विवरण देते हैं.

तेरही के अरेंजमेंट के लिए डोसा वाले दूबे जी


कोई दुकान नहीं, कोई इन्वेंट्री नहीं, फिर भी खूब चलता है दूबे जी का बिजनेस. सब मोबाइल फोन का कमाल है.

दाढ़ी बढ़ गई है


यह समय अजीब है. कुछ भी कहना, लिखना, सम्प्रेषण करना चाहता हूँ; वह घूम फिर कर पिताजी की स्मृति से जुड़ जाता है.

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