बच्चों की परीक्षायें बनाम घर घर की कहानी


मार्च का महीना सबके लिये ही व्यस्तता की पराकाष्ठा है। वर्ष भर के सारे कार्य इन स्वधन्य 31 दिनों में अपनी निष्पत्ति पा जाते हैं। रेलवे के वाणिज्यिक लक्ष्यों की पूर्ति के लिये अपने सहयोगी अधिकारियों और कर्मचारियों का पूर्ण सहयोग मिल रहा है पर एक ऐसा कार्य है जिसमें मैं नितान्त अकेला खड़ा हूँ,Continue reading “बच्चों की परीक्षायें बनाम घर घर की कहानी”

कम्प्यूटर/मोबाइल पर हिन्दी


मैने प्रवीण पाण्डेय से विण्डोज मोबाइल में हिन्दी की-पैड Eyron(mobile keyboard) का प्रयोग कर हिन्दी फर्राटे से लिखने का जुगाड़ पूछा। जो उपाय बताया, उसे सरल हिन्दी में कहा जायेगा – अभ्यासयोग। जितना प्रयोग होगा, उतना तेज बनेगा औजार। मेने सोचा, यह इति होगी ई-मेल वार्तालाप की। पर हिन्दी के प्रयोग पर प्रवीण ने एकContinue reading “कम्प्यूटर/मोबाइल पर हिन्दी”

जो दिखता हूँ, वह लिखता हूँ


प्रवीण पाण्डेय से उनकी पिछली पोस्ट स्ट्रीट चिल्ड्रन के बारे में पूछ लिया गया कि समारोह में मुख्य अतिथि बनने के अलावा आपका योगदान क्या रहा? इस बारे में प्रवीण पाण्डेय ने बहुत गहरे में सोचा। उसके बाद जो ई-मेल मुझे भेजी, वह अपने आप में महत्वपूर्ण पोस्ट है। मैं उस ई-मेल को जस काContinue reading “जो दिखता हूँ, वह लिखता हूँ”

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