किकी का कथन


सतीश पंचम ने मुझे किकी कहा है – किताबी कीड़ा। किताबें बचपन से चमत्कृत करती रही हैं मुझे। उनकी गन्ध, उनकी बाइण्डिंग, छपाई, फॉण्ट, भाषा, प्रीफेस, फुटनोट, इण्डेक्स, एपेण्डिक्स, पब्लिकेशन का सन, कॉपीराइट का प्रकार/ और अधिकार — सब कुछ। काफी समय तक पढ़ने के लिये किताब की बाइण्डिंग क्रैक करना मुझे खराब लगता था।Continue reading “किकी का कथन”

संकर दुकान कब खोलिहैं!


शंकर पासवान का हेयर कटिंग सैलून है मेरे घर के पास नुक्कड़ पर। लम्बे अर्से से दुकान बन्द थी। शंकर का ब्याह था। व्याह के बाद हनीमून। परिणाम यह हुआ कि मेरे बाल झपोली बन गये। एक आध बार तो शैम्पू पिलाना पड़ा उन्हे। अन्यथा लट पड़ने के चांसेज़ थे। अंतत: आज पता चला किContinue reading “संकर दुकान कब खोलिहैं!”

बोकरिया, नन्दी, बेलपत्र और मधुमेह


अपनी पूअर फोटोग्राफी पर खीझ हुई। बोकरिया नन्दी के पैर पर पैर सटाये उनके माथे से टटका चढ़ाया बेलपत्र चबा रही थी। पर जब तक मैं कैमरा सेट करता वह उतरने की मुद्रा में आ चुकी थी! बेलपत्र? सुना है इसे पीस कर लेने से मधुमेह नहीं होता। बोकरिया को कभी मधुमेह नहीं होगा। पक्का।Continue reading “बोकरिया, नन्दी, बेलपत्र और मधुमेह”

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