हेमेन्द्र सक्सेना जी के संस्मरण – पुराने इलाहाबाद की यादें (भाग 4)


भारत के उज्वल भविष्य की हमारी आशायें किसी अनिश्चय या भय से कुन्द नहीं हुई थीं। हम यकीन करते थे कि आम आदमी की जिन्दगी आने वाले समय में बेहतर होने वाली है।

“राटन” खरबूजा


कस्बाई लोगों को अंगरेजी नहीं आती। उत्तरप्रदेश के कस्बाई लोगों का अंगरेजी में हाथ तंग है; यह जगत विदित है। यही नजारा आज मुझे दिखा। नवरात्र का समय। हम महराजगंज बाजार (भदोही जिला) में फलाहार तलाश रहे थे। एक ठेले पर खरबूजा दिखा। दो ढेरियों में – चालीस रुपये किलो और बीस रुपये किलो। देखनेContinue reading ““राटन” खरबूजा”

महाशिवरात्रि की भीड़


हर हर हर हर महादेव! कोटेश्वर महादेव का मन्दिर पौराणिक है और वर्तमान मन्दिर भी पर्याप्त पुराना है। शिवकुटी में गंगा किनारे इस मन्दिर की मान्यता है कि भगवान राम ने यहां कोटि कोटि शिवलिंग बना कर शिवपूजन किया था। पास में है शिवजी की कचहरी, जहां अनेकानेक शिवलिंग हैं। यहां मुख्य शिवलिंग के पीछेContinue reading “महाशिवरात्रि की भीड़”

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