निरक्षरता का मूल क्या है?


रामपुर (छद्म नाम) के सैंतालीस प्रतिशत लोग काम के हिसाब से अनपढ़ हैं। प्रौढ़ शिक्षा एवम बेसिक कर्मठता योजना अधिकारी की एक रिपोर्ट में रामपुर के बारे में चौंकाने वाली रिपोर्ट बनाई है। इसके अनुसार लगभग आधे नागरिक अखबार नहीं पढ़ सकते, नौकरी आदि के फार्म नहीं भर सकते अथवा दवा की बोतलों पर लिखेContinue reading “निरक्षरता का मूल क्या है?”

बाल पण्डितों का श्रम


शिवकुटी में गंगा तीर पर सिसोदिया की एक पुरानी कोठी है। उसमें चलता है एक संस्कृत विद्यालय। छोटे-बड़े सब तरह के बालक सिर घुटा कर लम्बी और मोटी शिखा रखे दीखते हैं वहां। यहां के सेमी-अर्बन/कस्बाई माहौल से कुछ अलग विशिष्टता लिये। उनके विद्यालय से लगभग 100 मीटर दूर हनूमान जी के मन्दिर के पासContinue reading “बाल पण्डितों का श्रम”

मेरा व्यवसाय – जी. विश्वनाथ का अपडेट


यह श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ की अतिथि पोस्ट है: बहुत दिनों के बाद हिन्दी ब्लॉग जगत में फिर प्रवेश कर रहा हूँ। करीब दो साल पहले आपने (अर्थात ज्ञानदत्त पाण्डेय ने) मेरी अतिथि पोस्ट छापी थीं। विषय था – “जी विश्वनाथ: मंदी का मेरे व्यवसाय पर प्रभाव“। अब पेश है उस सन्दर्भ में एक “अपडेट”। दोContinue reading “मेरा व्यवसाय – जी. विश्वनाथ का अपडेट”

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free