होगेनेक्कल जलप्रपात


नीरज जाट जी, डॉ अरविन्द मिश्र जी व आशा जोगलेकर जी के यात्रा-वृत्तान्तों का प्रभाव, बच्चों की घर में ऊबने की अकुलाहट और रेलवे के मॉडल स्टेशन के निरीक्षण का उपक्रम मुझे तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले ले गये। बंगलोर से 150 किमी रेलयात्रा पर है धर्मपुरी, वहाँ से 40 किमी की रोड यात्रा पर होगेनेक्कलContinue reading “होगेनेक्कल जलप्रपात”

अतिक्रमण हटा; फिर?


गंगा तट की सीढ़ियों का अतिक्रमण हट गया। इस काम में कई लोग लगे थे, पर हमारी ओर से लगे थे श्री विनोद शुक्ल। पुलीस वालों से और स्थानीय लोगों से सम्पर्क करना, उनको इकठ्ठा करना, समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में सहायक बनना – यह उन्होने किया। मैने विनोद शुक्ल को धन्यवाद दिया।Continue reading “अतिक्रमण हटा; फिर?”

सीमाओं के साथ जीना


हम चाहें या न चाहें, सीमाओं के साथ जीना होता है। घाट की सीढियों पर अवैध निर्माण गंगा किनारे घूमने जाते हैं। बड़े सूक्ष्म तरीके से लोग गंगा के साथ छेड़ छाड़ करते हैं। अच्छा नहीं लगता पर फिर भी परिवर्तन देखते चले जाने का मन होता है। अचानक हम देखते हैं कि कोई घाटContinue reading “सीमाओं के साथ जीना”

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