बारिश के इस कीड़े से तंग हो गये हैं हम। सैंकड़ों की संख्या में जन्म लेती हैं। पहले एक झुंड में धीरे धीरे चलती हैं। जैसे भेड़ें एक झुंड में चल रही हों। कौन उनमें लीडर है? कौन किसके पीछे चल रहा है – पता नहीं चलता। पर जैसे जैसे इनका आकार बढ़ता है, इनकाContinue reading “भुआलिन या मिलीपीड्स”
Category Archives: Musings
बंडी नुमा गंजी (बनियान)
घर परिसर में साइकिल चलाते समय गूगल फिट पर साइकिल अभ्यास का डाटा सृजित करना और साथ ही कोई पुस्तक या पॉडकास्ट सुनते रहना थोड़ा नियोजन मांगता है। गले में एक ब्ल्यूटूथ वाला नेकबैंड और पॉकेट में मोबाइल चाहिये। घर में सूटेड बूटेड रहना बेकार है। अपनी मेज पर बैठे जब मन ऊबे तो साइकिलContinue reading “बंडी नुमा गंजी (बनियान)”
सातवीं कक्षा की किताबें
मेरी पोती पद्मजा सातवीं कक्षा में है। उसकी किताबें 6000रुपये की मैने खरीदीं। उसे वीडियो कॉन्फ्रेन्सिग के जरीये पढ़ाने के लिये। उसके अलावा एनसीईआरटी की सभी किताबों का सेट करीब 600रुपये में अमेजन पर भी खरीदा। ये दोनो सेट की पुस्तकें अंगरेजी में हैं – सिवाय हिंदी और संस्कृत भाषा विषयों के। यह अलग बातContinue reading “सातवीं कक्षा की किताबें”
