लॉकडाउन में गुन्नीलाल – गांव के सखा


कल सवेरे साइकिल से उनकी ओर गया। गुन्नीलाल जी हमेशा बाहें फैला कर गले मिलते थे – यही हमारा नॉर्मल मोड ऑफ अभिवादन था। पर कल कोरोनावायरस काल में उन्होने दूर से नमस्कार कर स्वागत किया। घर के बाहर नीम के पेड़ के नीचे हम बैठे भी सोशल डिस्टेंसिंग के नॉर्म का विधिवत पालन करते हुये।

कोरोना की मानसिक थकान दूर करने के काम


कोरोना थकान दूर करने के लिये शहराती लोग योगा-शोगा कर, किताब पढ़ या रस्सी टाप कर अपनी फोटो सटा रहे हैं सोशल मीडिया पर। हमारे पास तो यही गतिविधि है। उसी के फोटो ही सही!

नीलगाय ने रास्ता काटा


बिल्ली रास्ता काटती है तो अपशगुन होता है। गांवदेहात में नीलगाय के रास्ता काटने पर कोई शगुनापशगुन का निर्णय नहीं किया गया।

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