इस गांव में भारत की अर्थव्यवस्था में ब्रेक लगे दिखते हैं


कुल मिला कर एक सवारी गाड़ी का रेक और चार बसें यहां मेरे घर के बगल में स्टेबल हैं। … यानी अर्थव्यवस्था को ब्रेक लग चुके हैं और उसे देखने के लिये मुझे अपने आसपास से ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ रहा।

कड़े प्रसाद बोले – कोरोना त कतऊँ नाहीं देखातबा साहेब


“कोरोना कहां है साहेब?! मुझे तो कहीं नहीं दिखा। कोई कोरोना से बीमार नजर नहीं आया। वह तो पहले था। छ महीना पहले। अब कहीं नहीं है।” – कड़े प्रसाद ने उत्तर दिया।

स्वामी अड़गड़ानंद जी के आश्रम में


धीरे धीरे चल रही थी उनकी कार। रास्ते में आश्रम वासी हाथ जोड़ खड़े हो जाते थे और वाहन सामने से गुजरते समय दण्डवत प्रणाम करते थे।

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