(युद्ध) उन्माद के तीन दिन


युद्ध हमारे व्यक्तित्व में अच्छा से अच्छा और बुरा से बुरा पट्ट से निकाल कर दिखा देता है। वह जितना इस बार दिखा – सोशल मीडिया और टीवी पर उन्मादित सुधीजनों की प्रतिक्रियाओं के द्वारा – उतना पहले कभी नहीं दिखा था।

हजरत सज्जब अली की मजार और मुख्तार से मुलाकात


मजार किन्ही हजरत सज्जब अली की है। बताया कि कोई सौ साल पुरानी होगी मजार। कोई सन्त या फकीर नहीं थे सज्जब। नाम के आगे हजरत लगा था तो शायद हज कर आये रहे होंगे।

शिवशंकर भेड़िअहा


आधा घंटा व्यतीत करता हूं शाम के भ्रमण में शिवशंकर भेड़िअहा (भेड़ चराने वाला) के समीप. इस दौरान वह बात भी करता है और नजर अपनी भेड़ों पर भी रखता है.

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