औरंगाबाद के रंजन कुमार


गांवदेहात डायरी वह आगे चलता दिखा—दो झंडे लिये। एक तिरंगा और एक धर्म को दर्शाता तिकोना। मैं पीछे से साइकिल पर था। चलते-चलते ही उसका चित्र लिया और फिर उसके पास जाकर साइकिल रोक दी। पूछा—यह क्या लिये हैं और कहां जा रहे हैं? उसने कहा—“राधे राधे।” मैंने अपना प्रश्न दो बार दोहराया। दोनों बारContinue reading “औरंगाबाद के रंजन कुमार”

नया फेज – यू ट्यूब विश्वविद्यालय का विद्यार्थी


गूगल सर्च, यूट्यूब, ह्वाट्सएप्प और ओटीटी – सब मिला कर रिटायर आदमी के लिये समय बहुत क्रीयेटिव तरीके से नष्ट करने के साधन हैं। मैंने यूट्यूब को बतौर विद्यार्थी पुन: ज्वाइन किया है।

ट्विटर स्पेसेज पर आजतक रेडियो वालों का बेबाक बुधवार


आप आजतक रेडियो को ट्विटर पर फॉलो करें और बुधवार रात नौ बजे पालथी मार कर तीन घण्टा ट्विटर पर अपनी टाइमलाइन खोल कर आजतक रेडियो के चिन्ह को क्लिक कर सुनना प्रारम्भ करें। मजा भागवत पुराण सुनने जैसा आयेगा। पक्का।

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