पापा, मैं तो घास छीलूंगा!


मेरे मित्र उपेन्द्र कुमार सिंह का बालक पौने चार साल का है। नाम है अंश। सांवला है तो उसे देख मुझे कृष्ण की याद आती है। चपल भी है और बुद्धिमान भी। जो कहता है उसके दार्शनिक अर्थ भी निकाले जा सकते हैं। उपेन्द्र जी का घर रेलवे लाइन के पास है सुबेदारगंज, इलाहाबाद में।Continue reading “पापा, मैं तो घास छीलूंगा!”

उत्तर प्रदेश में बिजली हड़ताल जो नहीं हुई


जान सांसत में थी उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति की हड़ताल की धमकी पर। घर और दफ्तर – दोनो फ्रण्ट पर। अपनी अम्मा को जब मैने कहा था कि हड़ताल होगी और शायद पानी न आये नल में। बिजली नहीं आये तो बोरवेल से पानी भी न निकाला जा सके। यह जान कर उन्होनेContinue reading “उत्तर प्रदेश में बिजली हड़ताल जो नहीं हुई”

‘जय हिन्द, जय भारत, जय लालू’


कल हमारे यहां उत्तर-मध्य रेलवे में क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक थी। बैठक होटल कान्हा-श्याम में थी। बैठक में 39 सदस्य आने थे। सारे तो नहीं  आये पर आधे से ज्यादा आ गये। दस सांसद आने थे – केवल एक दिखे। बाकी सरकारी उपक्रमों, व्यापार मण्डलों और यात्री संघों के लोग थे। कुछContinue reading “‘जय हिन्द, जय भारत, जय लालू’”

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