बनारस और मोदी


पच्चीस अप्रेल को बनारस में था मैं। एक दिन पहले बड़ी रैली थी नरेन्द्र मोदी की। उनका चुनाव पर्चा भरने का रोड शो। सुना और टेलीवीजन पर देखा था कि बनारस की सड़कें पटी पड़ी थीं। रोड शो का दृष्य अभूतपूर्व लग रहा था। इस लिये पच्चीस अप्रेल को उत्सुकता थी वहां का हाल चालContinue reading “बनारस और मोदी”

परमेश्वर


सवेरे साढ़े छ बजे जब मैं घूमने निकला तो वह मुझसे आगे चल रहा था। घुटने तक धोती, मटमैला/सफेद कुरता – गेरुआ नहीं, एक काली जाकेट, बदन पर ओढा चादर जो सिर पर भी ढंकने का काम कर रहा था, बायीं पीठपर बोरा नुमा झोला और पानी का एक बरतन और दायें हाथ में एकContinue reading “परमेश्वर”

रेल इंस्पेक्शन स्पेशल


परसों 21 फरवरी को मैं गोण्डा-लखनऊ खण्ड में निरीक्षण के लिये बने दल में बतौर परिचालन विभाग के विभागाध्यक्ष, शामिल था। इस क्षेत्र से परिचय का मेरा पहला मौका। श्री के के अटल, महाप्रबन्धक, पूर्वोत्तर रेलवे ने दस दिन पहले मुझसे कहा था कि 20 तारीख तक पूर्वोत्तर रेलवे पर अपना पदभार संभाल लूं, जिससेContinue reading “रेल इंस्पेक्शन स्पेशल”

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