#गांवकाचिठ्ठा – मिट्टी, बालू की ट्रॉलियाँ, गर्दा और कोविड काल


ट्रॉलियां चल रही हैं, गर्दा उठ रहा है, प्रदूषण हो रहा है – यानी अर्थव्यवस्था पटरी पर आने लगी है।

#गांवकाचिठ्ठा – कल दिन की शुरुआत अच्छी थी, शाम तक खुशी गायब हो गयी


तुलसीपुर प्राइमरी स्कूल के क्वारेण्टाइन सेण्टर में बम्बई से आया एक परिवार रखा गया था। वह अवधि पूरा किये बिना घर चला गया और उसमें से एक बालक डायरिया से मर गया।” :-(

अक्षयपात्र और शिवाला में पथिकों को मिलता है भोजन और विश्राम


इस समय सारा वातावरण परस्पर करुणा, स्नेह और भाईचारे का है। धार्मिक भेदभाव भी गायब है। अन्यथा शिवाला और मोहम्मद जहीरुद्दीन – mutually exclusive नाम हैं!

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