प्रेम सागर : रुद्राक्ष का रोपण और राजेंद्रग्राम को प्रस्थान


इग्यारह बजे उनका संदेश मिला – “संकरा वन है। अभी पता चला है कि बाघ या शेर आया हुआ है। उनके पैर का निशान मिले है। उसी जंगल को पार कर रहे हैं। यहाँ से ५ किलोमीटर किरन घाटी है (जहां रास्ता अवरुद्ध है) ॐ नमः शिवायः।”

प्रेमसागर के बारे में आशंकायें


“आप मेरे बारे मेंं लिख रहे हैं, उससे मैं गर्वित नहीं होऊंगा, इसके लिये सजग रहा हूं। आप चाहे दिन में तीन बार भी लिखें, मैं उससे विचलित नहीं होऊंगा, भईया। लालसा बढ़ने से तो सारा पूजा-पाठ, सारी तपस्या नष्ट हो जाती है।”

प्रेमसागर अनूपपुर की ओर


कल उन्होने बारिश के लिये बेहतर तैयारी कर ली है। रेनकोट तो नहीं मिला, एक छाता खरीद लिया है। यह भी बताया कि छाता केवल अचानक आयी बारिश से बचने और कोई शरण ढूंढने के काम ही आयेगा। बारिश में चलते चले जाने के लिये नहीं!

प्रेमसागर जी को लह गया नया स्मार्टफोन!


आज नया स्मार्टफोन मिल जाने से उनकी नोकिया के बूढ़े, चार इंच के स्मार्ट(?) फोन के धुंधले चित्र से निजात मिली। उन चित्रों को मुझे बहुत एडिट करना पड़ता था और तब भी धुंधलापन दूर न होने के कारण उनका पेण्टिंग टाइप संस्करण बनाना होता था। अब वह नहीं करना होगा।

सोन, बाणगंगा, सोहागपुर और शहडोल


शहडोल के पहले ही पड़ता है सोहागपुर। या सोहागपुर का वर्तमान नाम शहडोल है। सोहागपुर कालाचूरि राजाओं की राजधानी थी। यहां हजारवीं शती का विराटेश्वर मंदिर है। उस मंदिर का मत्स्यदेश के राजा विराट से कोई लेनादेना है?

प्रेम सागर की पदयात्रा से तुम क्या चाहते हो, जीडी?


(रोज इग्यारह बजे प्रेम सागर कांवरिया को ले कर ब्लॉग अपडेट करना एक अजब सा फितूर बन गया है। उस बारे में मेरा यह मोनोलॉग। इसे एक बैठेठाले का सोचना ले कर पढ़ लिया जाये! 😆 ) तुम रोज लिख कर, प्रेमसागर से पूछ कर, उनके कहे को रिकार्ड कर और बाद में उसे कईContinue reading “प्रेम सागर की पदयात्रा से तुम क्या चाहते हो, जीडी?”