लालजी यादव का काम कराने का मंत्र – बाभन खाये, लाला पाये


लालजी समाजवादी ब्रिगेड के बढ़े प्रभुत्व के आईकॉन हैं। उनकी तुलना मैंने ‘गणदेवता’ के श्रीहरि पाल से की; पर आज बदलते गांव का जितना सशक्त चरित्र लालजी है; उतना ताराबाबू का छिरू पाल नहीं है।

आज गांव और #गांवपरधानी


“नेता लोगन क बहुत कपड़ा धोवात-कलफ-प्रेस करात हयें। फुर्सत नाहीं बा (नेता लोगों के आजकल प्रधानी चुनाव के कारण बहुत कपड़े धुलाई-कलफ लगाई और प्रेस कराई के लिये मिल रहे हैं। फुर्सत नहीं मिल पा रही)।”

सुंदर नाऊ की पतोहू #गांवपरधानी उम्मीदवार


साल भर बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। यद्यपि प्रधानी का चुनाव पार्टी आधार पर नहीं हो रहा पर हर एक पार्टी अपने अपने पक्ष के प्रधान जितवाने का जोर लगायेगी। और ऐसा नहीं कर रही तो जल्दी ही करेगी भी। इस लिये सुंदर नाऊ की सिधाई की अपनी सशक्त ब्राण्ड वैल्यू है!

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