ये अखबार की कतरनें क्यों बटोरते हैं लोग?


अखबार में हिन्दी ब्लागिंग के बारे में छप जाये तो सनसनी छा जाती है. नोटपैड एक दिन पहले बताता है कि कल कुछ छ्पने वाला है. अपनी प्रति सुरक्षित करा लें. एक और जगह से विलाप आता है कि अरे हमारे यहां तो फलां पेपर आता नहीं – भैया, स्कैन कर एक पोस्ट छाप देना.Continue reading “ये अखबार की कतरनें क्यों बटोरते हैं लोग?”

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free