सिनिकल हो रहा हूं क्या?


उम्र के साथ सिनिसिज्म (cynicism – दोषदर्शन) बढ़ता है? सामान्यत: हां। इस पर बहुत पढ़ा है। अब तो जिन्दगी फास्ट पेस वाली होने लगी है। लोग अब पैंतालीस की उम्र में सठियाने लगेंगे। नया मोबाइल, नया गैजेट, नया कम्प्यूटर इस्तेमाल करने में उलझन होगी तो कम उम्र में भी असंतोष और उससे उत्पन्न सिनिसिज्म गहरानेContinue reading “सिनिकल हो रहा हूं क्या?”

‘पेप्सी, कोक और फीड एग्रेगेटर’ पर एक और दृष्टिकोण


नरसों अमितजी ने मेरी पोस्ट ‘पिंग सेवायें…’ पर टिप्पणी कर कहा – ‘नारद नये रूप में आ रहा है, उसकी भी तीव्रता देख कर बताइयेगा’। फिलहाल तो नारद के लिंक पर क्लिक करने से अंग्रेजी में आता है – ‘Work in progress. Narad will be back soon!’। नारद जल्दी और अपने तेज रूप में आयेContinue reading “‘पेप्सी, कोक और फीड एग्रेगेटर’ पर एक और दृष्टिकोण”

न्यूरोलॉजिस्ट के पास एक विजिट


पत्नी के आधासीसी सिरदर्द के चलते मैं 2-3 महीने में उनके साथ एक बार न्यूरोलॉजिस्ट (तंत्रिका-तंत्र विशेषज्ञ) के पास जाता हूं। काफी डिमाण्ड में हैं इस प्रजाति के लोग। सवेरे मेरे एक सहायक उनसे शाम की विजिट का नम्बर ले लेते हैं; जिससे प्रतीक्षा न करनी पड़े। हर बार मेरी पत्नी की 5 मिनट कीContinue reading “न्यूरोलॉजिस्ट के पास एक विजिट”

अजब थूंकक प्रदेश है यह!


शाम के समय पत्नी जी के साथ बाजार तक घूमने निकला। लिया केवल मूली – 6 रुपये किलो। आधा किलो। वापस लौटते समय किसी विचार में चल रहा था कि सामने किसी ने पच्च से थूंका। मैं थूंक से बाल-बाल बचा। देखने पर चार-पांच व्यक्ति नजर आये जो यह थूंकने की क्रिया कर सकते थे।Continue reading “अजब थूंकक प्रदेश है यह!”

पिंग सेवायें – फीडबर्नर, चिठ्ठाजगत और ब्लॉगवाणी


एक ब्लॉगर की सबसे बड़ी तलब यह होती है कि जैसे ही वह पब्लिश बटन दबाये, उसकी पोस्ट फीड एग्रेगेटर पर तुरंत दिखे। फीड एग्रेगेटरों से बहुत से ब्लॉगरों की तल्खी इस मुद्दे पर देखी गयी है। यह पोस्ट इसी मुद्दे पर मेरे फुटकर विचार हैं। ई-पण्डित की तरह महारत नहीं है तकनीकी लेखन मेंContinue reading “पिंग सेवायें – फीडबर्नर, चिठ्ठाजगत और ब्लॉगवाणी”

कलजुग केवल चुगद अधारा!


चुगद बहुत पवित्र शब्द है। महालक्ष्मी का वाहन। कलयुग में महालक्ष्मी अधिष्ठात्री देवी हैं। उनका वाहन माने प्रधानमंत्री जी छाप बड़मनई का ओएसडी (ऑफीसर ऑन स्पेशल ड्यूटी)। इस लिये फुरसतिया जब अपने को चुगद घोषित करते हैं तो मन करता है कि इंक ब्लॉगिंग की तकनीक के जरीये उनसे ‘चुगद’ का अप्वॉइण्टमेण्ट ऑर्डर जो महालक्ष्मीजीContinue reading “कलजुग केवल चुगद अधारा!”