’अनपढ़’ रीता पाण्डेय


और रीता ने अगला टाइपिंग असाइनमेण्ट मुझे बहुत जल्दी दे दिया। सोमवार को दोपहर दफ्तर में मुझे फोन कर बताया कि एक नयी पोस्ट लिख दी है। घर आ कर टाइप कर देना। अगले दिन मैने टाइप किया। फिर बुधवार पंकज अवधिया जी का दिन था। लिहाजा आज वह पारिवारिक पोस्ट प्रस्तुत कर रहा हूं।Continue reading “’अनपढ़’ रीता पाण्डेय”

बालों की सेहत पर एक पोस्ट


यह श्री पंकज अवधिया की बुधवासरीय अतिथि पोस्ट है। इस पोस्ट में अवधिया जी बालों के विषय में मुक्त चर्चा कर रहे हैं। आप वह पढ़ कर लाभान्वित हों। मैं उनके लिये स्थान छोड़ता हूं: यूं तो पाठकों की समस्याओं पर आधारित दसियों सन्देश लगातार मिल रहे हैं पर चूँकि इसमे बालों की विभिन्न समस्याओंContinue reading “बालों की सेहत पर एक पोस्ट”

रोज दीपावली


यह शोध परक पोस्ट नहीं है। विशुद्ध मन और मोबाइल फोन के कैमरे के संयोग से बनी है। मैं शाम होने के बाद दफ्तर से निकला तो प्रांगण में ४० मीटर ऊंचे टावरों से हो रही बिजली की जगमगाहट ने मन मोह लिया। इलाहाबाद जैसे छोटे शहर में यह जगमगाहट! रेलवे “टच एण्ड फील” अवधारणाContinue reading “रोज दीपावली”

हिन्दी और अंग्रेजी में ३० गुणा का अंतर


श्रीयुत श्रीलाल शुक्ल जी को पद्मभूषण सम्मान इस अवसर पर “रागदरबारी” के सभी “वादकों” को बधाई! अंग्रेजी में एक ब्लॉग है – Get Rich Slowly. ठीक ठाक ब्लॉग है। फीडबर्नर पर उसके ४६००० पाठक हैं। अभी एक पोस्ट में उसने बताया कि १५ अप्रेल २००६ से ५ मार्च २००७ के बीच उसे ३२५ दिन मेंContinue reading “हिन्दी और अंग्रेजी में ३० गुणा का अंतर”

नजीर मियाँ की खिचड़ी


यह रीता पाण्डेय की अतिथि पोस्ट है। जब पत्नीजी की पोस्ट है तो उसे अतिथि पोस्ट क्या, पारिवारिक पोस्ट कहा जाये! यह उनकी बचपन में हुई धुनाई का बेबाक विवरण है। रीता पाण्डेय ने इसे कागज पर लिखा है। अत: पोस्ट को मैने उतारा है कीबोर्ड पर। आप पोस्ट पढ़ें। आपकी प्रतिक्रियाओं पर निर्भर करेगा कीContinue reading “नजीर मियाँ की खिचड़ी”

ज्यादा पढ़ने के खतरे(?)!


अभय तिवारी ने एक ताजा पोस्ट पर ठेला है कि उनकी पत्नी तनु उनसे ज्यादा किताबें पढ़ती हैं। यह मुझे भीषण भयोत्पादक लगा। इतना कि एक पोस्ट बन गयी उससे। “डर लगे तो पोस्ट लिख के सिद्धांतानुसार”। मैं अगर दिन भर की सरकारी झिक-झिक के बाद घर आऊं और शाम की चाय की जगह पत्नीजीContinue reading “ज्यादा पढ़ने के खतरे(?)!”