काले बगुले?


लगता है मछलियां बहुत ले आई हैं गंगाजी। श्री अरविन्द मिश्र जी की माने तो टिलेपिया मछली। मछेरे बहुत गतिविधि कर रहे थे परसों शाम उथले पानी में। और कल सवेरे सवेरे ढेरों पक्षी दिखे। गंगा किनारे रहने वाले सफेद बगुले तो वही इक्का-दुक्का थे। पर कुछ सफेद सारस और ढेरों काले बगुले जाने कहांContinue reading “काले बगुले?”

मानलेट


 मानलेट – इरादतगंज, इलाहाबाद के समीप मुम्बई जाते हुये पश्चिमी घाट पर दमदार बारिश देखी थी। इगतपुरी-कसारा के आसपास तो मन मयूर था वर्षा देख कर। वही हाल वापसी में जळगांव-भुसावल-हरदा-इटारसी-नरसिंहपुर-जबलपुर के इलाके में फसल की लहलहाती अवस्था देख हो रहा है। अर्थात जो मायूसी है, वह गांगेय क्षेत्र में है। मेरे यूपोरियन इलाके मेंContinue reading “मानलेट”

बिल्ला, जोला और कल्लू


सिद्धार्थ और हम गये थे गंगा तट पर। साथ में उनका बेटा। वहां पंहुचते रात घिर आई थी। आज वर्षा का दिन था, पर शाम को केवल बादल क्षितिज पर थे। बिजली जरूर चमक रही थी। बिल्ला, जोला और कल्लू मछेरा समेटे जाल के साथ गंगा माई बढ़ी नहीं हैं पहले से। अंधेरे में मछेरेContinue reading “बिल्ला, जोला और कल्लू”

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