बिठूर


बिठूर के घाट के दूसरी तरफ गंगा जी के किनारे महर्षि वाल्मीकि रहते थे। जहां राम ने सीता जी को वनवास दिया था और जहां लव-कुश का जन्म हुआ। यहीं पर ब्रह्मा जी का घाट है, जहां मिथक है कि ब्रह्माजी की खड़ाऊं रखी है। तीर्थ यात्री गंगाजी में स्नान कर ब्रह्मा जी का पूजनContinue reading “बिठूर”

फुटप्लेट


रेलवे इंजन पर चढ़ कर चलते हुये निरीक्षण का नाम है फुट प्लेट निरीक्षण। शब्द शायद स्टीम इंजन के जमाने का है, जिसमें फुटप्लेट पर खड़े हो कर निरीक्षण किया जाता था। अब तो डीजल और इलेक्ट्रिक इंजनों में बैठने के लिये सुविधाजनक सीटें होती हैं और खड़े हो कर भी निरीक्षण करना हो तोContinue reading “फुटप्लेट”

झुलाओ मेरी सजनी, श्याम पड़े पलना


अक्तूबर ३०’२०१२:  दो स्त्रियां यह गीत गाते हुये एक अंगोछे में कुछ (बाल कृष्ण का प्रतीक) झुला रही थीं गंगा किनारे। कोहरा बहुत था। इक्का दुक्का लोग थे स्नान करने वाले गंगा जी के शिवकुटी घाट पर। उनका यह झुलाना और गायन बहुत अच्छा लगा मुझे। पर यह समझ नहीं आया कि ऐसा कर क्योंContinue reading “झुलाओ मेरी सजनी, श्याम पड़े पलना”

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free