उसमें जिन्दा है मछली अभी भी


नवम्बर २’२०१२ वे तीन थे। एक अधेड़। तहमद पहने और उसे पानी से बचाने के लिये आधा उलटे हुये। ऊपर पूरी बांह का स्वेटर पहने। एक जवान – कमीज-पतलून में। एक किशोर होता बच्चा – वह भी कमीज पतलून पहने था। दोनो ने पतलून पानी से बचने ऊपर चढ़ा रखी थी। उनके पास एक नावContinue reading “उसमें जिन्दा है मछली अभी भी”

रायगड़ा


दिनांक २८ अक्तूबर, २०१२ रायगड़ा में अळप्पुझा-धनबाद एक्स्प्रेस पंद्रह मिनट रुकती है। मैने अपना पजामा-बण्डी बदल कर साहब का भेस धरा और अपने डिब्बे से उतरा। शाम के पौने सात बजे थे। अंधेरा हो गया था। कैमरे को क्लोज़-अप मोड में रखा, जिससे चित्र फ्लैश के साथ आ सकें। आज त्रयोदशी थी। अगले दिन पूर्णमासी।Continue reading “रायगड़ा”

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