अमरकण्टक – नर्मदा और सोन की कथाओं का जाल


पितृसत्तात्मक समाज नारी (अर्थात नर्मदा) की महत्ता यूंही स्वीकार नहीं करता। पहले वह उसे लांछित या उपेक्षित करता है, पर अगर फिर भी नारी अपनी श्रेष्ठता प्रमाणित कर देती है, तो वह उसे देवी का दर्जा देकर पूजनीय बना देता है।

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