ललही छठ के दिन ढोल ताशा


ये ढोल है और वो ताशा। उसने मुझे इस प्रकार से उत्तर दिया मानो उम्रदराज होने पर भी जनरल नॉलेज में तंग होने वाले व्यक्ति पर उसे आश्चर्य/तरस हो।

प्रेम पाण्डेय, विलक्षण काँवरिया


उन सज्जन के प्रति, भगवान शिव के प्रति और हिंदुत्व के प्रति गहन श्रद्धा उमड़ आयी! इतने सारे सेकुलर विद्वता ठेलते बुद्धिजीवियों को ठेंगे पर रखने का मन हो आया। मैंने साइकिल किनारे खड़ी कर प्रेम पाण्डेय को स्नेह और श्रद्धा से गले लगा लिया! श्रावण बीत गया है। भादौं लगे एक सप्ताह हो गयाContinue reading “प्रेम पाण्डेय, विलक्षण काँवरिया”

संतोष गुप्ता की गांवदेहात में डिजिटल सर्विस


5-7 साल में जो डिजिटल विस्फोट हुआ है – गांवदेहात के स्तर पर भी; वह अभूतपूर्व है। गांवों की डिजिटली निरक्षर जनता की पटरी डिजिटल सुविधाओं से बिठाने के लिये संतोष गुप्ता जैसे लोगों की बहुत आवश्यकता है।

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