प्रेम कांवरिया – पैर छिले हैं। विश्राम। रींवा।


डाक्टर नें पंद्रह दिन की दवायें भी उन्हें फ्री में दीं। उन्हें पैदल चलने का एक अनुशासन बताया। उत्तरोत्तर बढ़ाते हुये। प्रेम सागर ने वही किया। और अब चलने की धुन इतनी हो गयी है कि 12 ज्योतिर्लिंग पदयात्रा कर रहे हैंं!

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