मिश्रीलाल सोनकर, सतयुग वाले


कहते हैं भारत ऐसा देश है जो एक साथ बीस शतब्दियों में जीता है। उस हिसाब से यह कल्पना की जा सकती है कि एक अच्छी खासी आबादी सतयुग, त्रेता, द्वापर की भी अभी होगी। मिश्रीलाल की तरह अपने सतयुगी नोश्टॉल्जिया में जीती।

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