भुंजईन – आकास की माई


पेड़ों की कोई भी चीज बेकार नहीं जाती। लोग उन्हें उठाने, काटने, बीनने के लिये सदैव तत्पर रहते हैं। इस मौसम में पत्ते नहीं झर रहे, तो यह भुंजईन जहां भी मिल रहा है, हरे पत्ते भी बीन कर संग्रह कर रही है।

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free